मकर संक्रांति हल्दी कुमकुम सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट
मकर संक्रांति हल्दी कुमकुम सूत्रसंचालन उस पावन क्षण की अभिव्यक्ति है, मकर संक्रांति केवल एक तिथि नहीं, यह ऋतुओं के परिवर्तन का उत्सव है,
जहाँ सूर्य उत्तरायण होकर हमें सिखाता है —
अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ना।
जब सूर्य उत्तरायण होकर उजाले का संदेश देता है,
आकाश में उड़ती पतंगें सपनों को नई ऊँचाई देती हैं
और तिल-गुड़ रिश्तों में मिठास घोलते हैं।
इसी मंगल भाव में महिलाएँ एकत्रित होकर
हल्दी-कुमकुम की परंपरा निभाती हैं,
जहाँ सौभाग्य, स्नेह और समाजिक एकता
एक सुंदर उत्सव का रूप ले लेते हैं।
“जब पतंगें उड़े,
तिल-गुड़ घुले और सौभाग्य मुस्कुराए
तिल और गुड़ जैसे
अलग-अलग होकर भी मिठास फैलाये ,
वैसे ही रिश्तों में प्रेम बढ़ाये
— यही संदेश संक्रांति लेकर आये ।
सौभाग्य का ये उत्सव हर घर में मंगल लाए — ऐसा मानने वाले हाथ उठाएँ…!”
मकर संक्रांति सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट-
✨ जब महिलाएँ एकत्रित होती हैं, परंपरा मुस्कुराती है और समाज संवर जाता है ✨
{ऐसा ही कुछ अनोखा मकर संक्रांति पर्व पर आपके समाज में हल्दी कुमकुम कार्यक्रम खास नारी के सौभाग्य और वाण तेरुण्डा की लेन देन में महिलाओं के सामूहिक उत्सव, तिल-गुड़ की मिठास, पतंगों की उड़ान और नारी सौभाग्य को समर्पित एक भावनात्मक, सांस्कृतिक और प्रभावशाली एंकरिंग स्क्रिप्ट, जो आपके संक्रांति कार्यक्रम में चार चाँद लगा देगी।} poeticmeeracreativeaura.com की तरफ से एक छोटा सा प्रयास..!
यह मकर संक्रांति हल्दी कुमकुम सूत्रसंचालन केवल मंच संचालन नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्नेह और सामाजिक एकता का सुंदर उत्सव है।

पेश है-
हल्दी-कुमकुम का महत्त्व –
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित हल्दी–कुमकुम कार्यक्रम महिलाओं के सौभाग्य, संस्कार और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक होता है। यह विशेष सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट उन्हीं भावनाओं को शब्दों में पिरोती है, जहाँ तिल–गुड़ की मिठास रिश्तों को जोड़ती है, पतंगों की उड़ान सपनों को नई दिशा देती है और हल्दी–कुमकुम की परंपरा नारी सम्मान को और गहरा करती है।
आकाश में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें
हमारे सपनों की तरह होती हैं —
जो ऊँचाइयों को छूना चाहती हैं,
पर डोर रिश्तों की थामे रहती हैं।
जब महिलाएँ एकत्रित होती हैं, तो केवल उत्सव नहीं मनाया जाता, बल्कि संस्कृति, स्नेह और सहयोग की एक सुंदर तस्वीर उभरती है। यह भावनात्मक, काव्यात्मक और सांस्कृतिक एंकरिंग स्क्रिप्ट मकर संक्रांति के हर कार्यक्रम में चार चाँद लगाने का सामर्थ्य रखती है। मंच से बोले गए ये शब्द श्रोताओं के हृदय को छूते हैं, परंपरा का महत्व समझाते हैं और समाज में नारी की गरिमा को नई ऊँचाई देते हैं।

और जब तिल और गुड़ एक साथ आते हैं,
तो वे केवल स्वाद नहीं बदलते,
वे हमें सिखाते हैं कि
जीवन की कड़वाहट में भी
मिठास घोली जा सकती है।
जय श्री कृष्णा नए साल में पदार्पण करने के हमें हमारे आरोग्य साथ-साथ अपने सुहाग को बढ़ाने के लिए जिस पर्व को बहुत उल्लास से मनाते हैं। और एकदूजे में के जीवन में मिठास भरते है ऐसी ही इस खास पर्व को मकर संक्रांति कहते हैं।
इसी भाव के साथ,
जब महिलाएँ एकत्रित होकर
हल्दी–कुमकुम की परंपरा निभाती हैं,
तो वह केवल रस्म नहीं रहती —
वह बन जाती है
सौभाग्य, स्नेह और समाज की आत्मा।
है न, सखिओ अपनी संस्कृति के हिसाबसे सुहाग का और आरोग्यता का जाहा दोनों तालमेल होता है उसे हम मकर संक्रांति कहते हैं..! इस पर्व की ढेरो शुकमनाये देने हेतु और नए वर्ष की शुरुवात करने हेतु हम आज एकत्रित्त हुए है।
यह उपलब्ध मकर संक्रांति की सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट – (आप 2…3 एंकर में भी प्रस्तुत कर सकते है । या एक व्यक्ति भी प्रस्तुत कर सकते हो।)
Intro Line (Script के लिए – Soft & Graceful)
आज का यह मंगल अवसर
नारी के सम्मान,
संस्कार की सुगंध
और परंपरा की गरिमा को समर्पित है।
जहाँ हल्दी की पवित्रता,
कुमकुम का सौभाग्य
और मुस्कान का अपनापन
हर आंगन को रोशन कर देता है।
Haldi Kumkum Anchoring Script in Hindi
🌼 मकर संक्रांति हल्दी–कुमकुम
“सौभाग्य, संस्कार और नारी शक्ति का उत्सव”
स्वागत व मंगलाचरण
आदरणीय उपस्थित महिलाओं, माताओं, बहनों और सखियों को
मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर
सौभाग्य, समृद्धि और स्नेह से भरा मेरा सादर नमन 🙏
आज का यह हल्दी–कुमकुम केवल एक परंपरा नहीं,
बल्कि नारी के सम्मान, सौंदर्य और आत्मबल का उत्सव है।
मराठी में कहते हैं ना ,—
“हळदी-कुंकवाचा मान, म्हणजे सौभाग्याचा सन्मान.”
आनंद उठाये ,इस उत्सव को मनाये,
आयी पतंगों की भिढमार
बड़ों से लेकर बच्चों तक लगाए काय पोचे की पुकार।
नट-थट कर आयी है हर एक नार, सूंदर दिसते फार,
हल्दी कुमकुम देकर मकर संक्रांत करे साकार ।।
चलो करे शुरुवात इस खुशियों के (या संस्था का नाम )द्वार,
मिले सभी को सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य आपार ।।

🎶 Soft Cultural Line (Optional Song / Line)
“नारी तू नारायणी, शक्ति का स्वरूप
तू जागे तो बदले जीवन, बदले हर एक रूप।”
महिलाये एकत्रित होती है एक दूजे कुमकुम हल्दी लगाकर सुहाग तेरुण्डा देती है।
मकर संक्रांति महीना है पावन,
नये साल का हुआ है आगमन,
क्यू ना सखिया हम करते है;
हल्दी -कुमकुम
जो करत है सुहाग का वहन,
तिल गुड़ से आएगी मिठास सबके मन ही मन
खटास रूपी कट गई है पतंग ,
यही खास मौके पर मिलती है सखियां आज एक संग,
नई साल में और भी भर जायें खुशी और उमंग
लेकर जाना तेरूंडा के संग हल्दी कुमकुम के रंग..!!
स्त्रियो के सोभाग्ये पर्व को चार चाँद लगा सकते हो !
🌼 मकर संक्रांति हल्दी–कुमकुम
“सौभाग्य, संस्कार और नारी शक्ति का उत्सव”
🌾 मकर संक्रांति का भावार्थ (Short Cultural Connect)
मकर संक्रांति हमें सिखाती है —
पुरानी कड़वाहट छोड़कर
तिल–गुड़ जैसी मिठास रिश्तों में घोलना।
जैसे तिल और गुड़ अलग होकर भी एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं,
वैसे ही समाज में नारी और परिवार एक-दूसरे की शक्ति हैं।
“तिळगूळ घ्या, गोड गोड बोला” —
यह केवल कहावत नहीं, जीवन दर्शन है।
(👏 तालियों के साथ इस सुंदर परंपरा का स्वागत करें)
👩👩👧 नारी शक्ति को समर्पित संदेश
आज की नारी केवल गृहिणी नहीं,
वह गृह की लक्ष्मी,
और चाहें तो अपने जीवन की उद्यमी भी बन सकती है।
याद रखिए —
“नारी जब अपने पैरों पर खड़ी होती है,
तो पूरा परिवार मजबूत होता है।”
आज का यह मंच केवल सौभाग्य का नहीं,
आत्मनिर्भरता की प्रेरणा का भी है।
वो आपको आज ख़ास तरीके से अलग ढंग में बताएँगे
(आप यह आपके समाज या मंडल की महिलाये एकत्रित होती है उन्हें हल्दी कुमकुम के साथ साथ उनके लिए डेमो organize कर सकते हो प्रोजेक्ट रख सकते हो। तो संक्रांति के त्यौहार में चार चाँद लग जाएंगे )
💄 नारी शक्ति प्रेरणा – गृह उद्योग / Parlour Related Business Ideas
(Motivation Paragraph – Stage से बोलने हेतु)
बहनों, अगर आप चाहती हैं कि
आपकी पहचान केवल घर तक सीमित न रहे,
तो Beauty & Self-Care से जुड़े गृह उद्योग
आज के समय में सबसे सरल और सम्मानजनक विकल्प हैं।
🌸 कुछ आसान लेकिन असरदार Business Ideas:
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Basic Parlour Services
– Eyebrow, Threading, Facial, Waxing
(छोटे कमरे से भी शुरुआत संभव) -
Bridal & Festival Makeup (Home Based)
– संक्रांति, गौर, तीज, शादी, नामकरण जैसे कार्यक्रमों में Demand-
Mehndi Artist (Freelance Work)
– हल्दी-कुमकुम, विवाह, उत्सवों में विशेष मांग -
Herbal Beauty Products
– Homemade Face Pack, Ubtan, Hair Oil
(आज Natural Products की बहुत Demand है) -
Training + Service Model
– पहले सीखें, फिर दूसरों को सिखाएँ
(एक नारी से अनेक नारियाँ सशक्त बनती हैं)
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“थोड़ा हुनर, थोड़ा आत्मविश्वास
और निरंतर प्रयास —
नारी को आत्मनिर्भर बनता है और यही जरुरी है।”ऐसे ही कुछ डेमो आप ले सकते हो जिस से सदस्य महिलाओ को मोटिवेशन तो मिलाएगा ही और कुछ करने की दिशा और आपका आपके अपने मेंबर क साथ के कनेक्शन होगा और मकर संक्रांति का कार्यक्रम अनोखा होगा।
👏 जो महिलाएँ आगे बढ़ने का सपना देखती हैं, उनके लिए एक ज़ोरदार तालियाँ… इसी भाव के साथ आज मेरी प्यारी सखियां एक साथ इस पर्व को मना रहे हैं ।
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हल्दी कुमकुम का प्रोग्राम जिससे हम अपनी मेंबर्स से रूबरू हो सके उसके साथ आज यहां पर फ्री ऑफ कॉस्ट -डेमो ऐसी सशक्त नारियों के लिए हमने ऑर्गेनाइज किया है इसका लाभ लेवे और भविष्य में होने वाली सभी कार्यक्रम को आप पूरे दिल से अटेंड करें उसमें पार्टिसिपेट ले अपना योगदान दें यही आशा करते हैं । यहां पर पधारे हुए सभी मान्यवर सभी मंडल के अध्यक्ष सचिव मेरी कमिटी मेंबर्स कार्यकारणी, सदस्य सभी का तहे दिल से स्वागत करती हूँ और अपने हल्दी कुमकुम के गीत प्रोग्राम में गेम्स शुरुआत करते हैं। धन्यवाद🙏🏻
🌸 हल्दी–कुमकुम आयोजन की घोषणा / Flow Line
अब हम आगे बढ़ते हैं
इस पावन हल्दी–कुमकुम परंपरा की ओर,
जहाँ स्नेह, सौभाग्य और सम्मान
एक-दूसरे को अर्पित किया जाता है।
आप सभी से निवेदन है —
इस परंपरा में पूरे प्रेम और आनंद से सहभागी बनें।
संक्रांति हल्दी कुमकुम सूत्रसंचालन स्क्रिप्ट
शुरुआत सौभाग्य की देन:-
जाने की गड़बड़ ना कीजिए ,
शब्द सुनो द्वारा आभार स्वीकार कीजिए,
नया साल की नई शुरुआत,
सबके लिए हो यह;
हल्दी कुमकुम का यह पर्व बढ़ाता है हर नारी का सुहाग
आपके लिए आने वाला कल हो बहुत ही खास ।।
🙏 Vote of Thanks – समापन
कार्यक्रम के समापन पर
मैं हृदय से धन्यवाद देना चाहूँगी —
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आयोजक समिति का
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कार्यक्रम को सफल बनाने वाली सभी महिलाओं का
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और उन सभी सशक्त नारियों का
जो परंपरा के साथ-साथ प्रगति की राह पर चल रही हैं।
इसी मंगलकामना के साथ —
“ये मकर संक्रांति
आपके जीवन में
स्वास्थ्य, सौभाग्य और आत्मनिर्भरता लेकर आए।”
🌼 पुन्हा भेटूया… पुढच्या संक्रांतीला! 🌼
धन्यवाद 🙏
सभी का तहे दिल से करती
आभार..{ ———– नाम } मंडल —-{ गांव का नाम }की सभी मेरी प्यारी सहेलियां हैं खास…!
इस परिवार का जो हिस्सा है उनका मैं करती हूं दिल से आभार आज इस प्रोग्राम में हल्दी कुमकुम में अपना कीमती समय देकर यहां पधारे सभी संगठन के अध्यक्ष और सचिव उनका मैं तहे दिल से आभार व्यक्त करती हूं ।
आपके आने से रोनक है छाई ,
रिश्तो में हो ऐसे ही गहराई
इस मंडल आज पधार कर हमें अनुग्रहित किया
एक परिवार के रूप में अपनी एकता दर्शाई।
इसलिए जोरदार तालियों से मैं सबको देती हूं मैं बधाई ।
आपके आने से हल्दी कुमकुम में रंगत है लाई।।
और साथ ही साथ ——–के इस अनोखे डेमो बहुत ही अच्छी तरीके से हम अपने पैरों पर कैसे खड़े रह सकते हैं। कैसे हर एक नारी सशक्त बन सकती है। आत्मनिर्भर बन सकती है । यह बताया तो इसका फायदा जरूर हम सभी को होगा और { नाम ——-जी} इनका भी मैं तहे दिल से आपका आभार व्यक्त करती हूं । सौभाग्य का प्रतीक जिसे माना जाता है तिरंगा आप हल्दी कुंकु लगाकर जरूर लेकर जाए और इस आने वाले वर्ष का याने नए साल का आरंभ की शुभकामनाएं देकर जाए तेरूंडे के रूप में जो हमें वह आज सिखने मिला की ओर से हमें जो उपहार आपने दिया के लिए भी पुनश्च एक बार आपका धन्यवाद !
“इसी सौभाग्य, स्नेह और संस्कार के साथ
अगली मकर संक्रांति में फिर मिलेंगे —
इसी मंगलकामना के साथ…”
{ नाम मंडल } की कमेटी मेंबर कार्यकारिणी प्रोजेक्ट चेयरमैन हमारी नगर / समाज /मंडल के अध्यक्षा { }जी इन सभी का आभार व्यक्त करती हूं…
जनवरी की ठंडी सुबहों में
जब धूप हल्की-सी मुस्कुराती है,
आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें
खामोशी से यह संदेश देती हैं—
अब उड़ान का समय है।
नए संकल्पो की नयी आशा की
मकर संक्रांति सिर्फ़ आने वाला त्योहार नहीं है,
यह सच में उत्साह जागने वाला मौसम है ! तो चलो साहिलियो इसी आशा के साथ आपसे विदा लेते है और मिलने की उम्मीद रखते खुशियों से जीवन जीते है।
हल्दी कुमकुम का प्रोग्राम बहुत ही अच्छे से सफल संपूर्ण हुआ घोषणा करती हूं और अब आप इस नाश्ते का स्वाद लीजिए हल्दी कुमकुम और तेरूंडा लेकर जाइए आप सभी का दिल से धन्यवाद ! धन्यवाद !
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