(Fancy Dress Shivaji maharaj) छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस नाटिका बच्चों के लिए एक ऐसी प्रस्तुति है, जो स्वराज, संस्कार और आत्मविश्वास का सुंदर संदेश देती है…!
छत्रपति शिवाजी महाराज केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं हैं,
वे स्वराज, साहस और आत्मसम्मान की जीवंत मिसाल हैं।
जब कोई बच्चा छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस पहनकर मंच पर खड़ा होता है,
तो वह सिर्फ एक वेश नहीं पहनता,
वह अपने भीतर देशभक्ति और नेतृत्व को महसूस करता है।
नमस्कार ! आज की भव्य फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में, हम अपने शिवराय के छबि में इन नन्हे नायक/नायिका को प्रस्तुत कर रहे हैं जो स्वराज का सपना देखता है । छत्रपति शिवाजी महाराज के वेश में उनकी वीरता और विचारों को नमन और सलाम करें !
छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस – बच्चों के लिए प्रेरणादायक स्कूल प्रतियोगिता
👉 यह लाइन बच्चों एक हिम्मत और आत्मविश्वास जागती है..Fancy Dress competition चार चांद लगाये और पेरेंट्स के दिल को छू जाये।
🚩छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस नाटिका क्यों है बच्चों के लिए खास?
बच्चा/कलाकार शिवाजी महाराज के वेश में मंच पर fancy Dress competition या नाटिका के रूप में प्रस्तुत कर सकते हो, जो की बहुत ही सुंदर जो कि आपको आपके कार्यक्रम में रंग लाएगी। नाटिका स्कूल, कॉलेज, शिवाजी जयंती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, जीजामाता पुण्यतिथि, स्वराज्य दिवस जैसे विशेष अवसरों पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत की जा सकती है।
1.फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में यह नाटिका कैसे दिलाए अच्छे नंबर?
आपको इसमें बच्चों को अपने विश्वास के साथ महाराज के बचपन की इतिहास को यहां दोहराना होगा और यह नीचे की लाइन अगर आप परफेक्टली बोलने लगाए तो जरूर कामयाब होंगे..।
✨️छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस नाटिका
शिवाजी महाराज (पात्र):
1] शिवाजी राजे की ड्रेस अप में पूरे आत्मविश्वास के साथ तेज डालते हुए मंच पर एंट्री और वह कहते हैं…(अपनी तलवार उठाकर)
-“मैं, छत्रपति शिवाजी महाराज, आपके समक्ष… अपने स्वराज के सपने के साथ, अपनी प्रजा के कल्याण के लिए आया हूँ! मेरे हाथ में तलवार है, लेकिन मेरे हृदय में स्वराज की स्थापना का दृढ़ संकल्प है!”
-“मैं कोई साधारण राजा नहीं,
मैं हूँ स्वराज का स्वप्न देखने वाला (कंधे पर तलवार रखते हुए)
-अन्याय के विरुद्ध खड़ा होने वाला,
और मातृभूमि के लिए जीने-मरने वाला
— (एक घुटने पर नीचे मातृभूमि को नमन करते हुए एक्शन करना है)
**“मैंने सिखाया कि
साहस उम्र नहीं देखता, देशभक्ति कपड़ों में नहीं,
दिल में होती है।
आज मैं तलवार नहीं उठाए हूँ,
आज मैं संस्कार पहनकर खड़ा हूँ।”
(थोड़ा रुक कर पॉइंट to पॉइंट जो याद करने में सरल हो जैसे की-)
**मेरे भाइयों और बहनों, मैं छत्रपति शिवाजी हूँ, मेरी माता जीजा और पिता शाहजी हैं।
मेरा जन्म 1630 ई. में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। इसीलिए मेरी माँ ने मेरा नाम शिवाजी रखा।
बचपन से ही जीजामाता मुझे राम और कृष्ण की कथाएँ, महान नेता की कहानियाँ सुनाती थीं।
आज मेरे हृदय में देशभक्ति और मराठा साम्राज्य के लिए लड़ने का दृढ़ संकल्प है।
और आपके सहयोग से ही हमने पूरे महाराष्ट्र के 360 किलों (forts) पर कब्ज़ा किया है।
हिंदवी स्वराज्य की स्थापना करने वाले बाघ को ….. कहा जाता है।
“जय भवानी, जय शिवाजी
🚩छात्रपति शिवाजी महाराज के स्लोगन
मेरे भाइयों और बहनों, एक बात हमेशा याद रखना..!
“जिनकी प्यास ही सम्मान है, जिनके पैर ही तलवे हैं, जिनका खून ही यश है, हम मराठा पुरुष हैं, स्वराज्य की शान हमारे हाथों में है!”
●दूसरी महिलाओं का सम्मान करो, वरना तुम्हें कड़ी सज़ा मिलेगी !
●अगर मौत भी आ जाए, तो भी तुम हार नहीं मानोगे।”
न महानता के लिए, न स्वार्थ के लिए, ज़िंदगी बस मराठा पहचान के लिए तड़पती है!”
●राज्य छोटा नहीं, बल्कि अपना होना चाहिए, इसलिए अपना अस्तित्व बनाएँ, तभी दुनिया आपका सम्मान करेगी।
●“एक वीर मराठा हर शहर में शेर होता है, अपनी कलाई में हाथी की ताकत रखता है।
●अगर वह ग़लत है, तो उसे सत्य का मार्ग दिखाओ और अगर वह मूर्ख है, तो उसे मराठों की जाति दिखाओ।
●पहले राष्ट्र, फिर गुरु, फिर पालक, फिर ईश्वर, पहले अपनी नहीं, राष्ट्र की ओर देखो।
●भगवा कभी नहीं छोड़ेगा।
भगवा का वचन कभी नहीं टूटेगा।
●“जब अपने सामने कोई संकट दिखाई दे, तो उस संकट के सिर पर खड़े हो जाओ और बस
लड़ो और तब तक पीछे मत हटो जब तक विजय प्राप्त न हो जाए….!
●“ऐसे टूटो कि….
जीतो भी, इतिहास
और हारो भी, इतिहास
बन जाए! हर-हर महादेव हर-हर महादेव…!!
छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस – बच्चों के लिए प्रेरणादायक स्कूल प्रतियोगिता
🚩शिवाजी महाराज की सीख
स्कूल फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता या नाटिका में शिवाजी महाराज का चयन इसलिए खास होता है क्योंकि यह बच्चों को इतिहास से जोड़ता है, और माता-पिता को यह भरोसा देता है कि उनका बच्चा संस्कारों के साथ मंच पर सीख रहा है।
यह प्रस्तुति बच्चों को सिखाती है कि सच्चा राजा वही होता है जो अपनी प्रजा के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि रखे।
छोटे बच्चों के लिए जो नर्सरी , प्ले ग्रुप prep स्कूल में पढ़ते हैं उनके लिए बहुत ही सुंदर लाइंस है जिसमें आप ऊपर की दी हुई कुछ लाइंस भी ऐड कर सकते हो उसके क़ाबिलियत और उसके एक्ट के हिसाब से..!
✨️“मैं बना हूँ छत्रपति शिवाजी महाराज – स्वराज का नन्हा सिपाही”
“नमस्कार!
मैं बना हूँ
छत्रपति शिवाजी महाराज।”
(थोड़ा मुस्कुराकर)
“मैं छोटा हूँ,
पर मेरा सपना बहुत बड़ा है।”
🌼 Easy & Sweet Introduction (बच्चों के लिए)
“छत्रपति शिवाजी महाराज
बहुत बहादुर राजा थे।
उन्हें अपनी माँ जिजाऊ माता
बहुत प्यारी थीं।”
“वे हमेशा कहते थे –
सच बोलो,
अच्छा काम करो,
और देश से प्यार करो।” 3] 🌸 Mini नाटिका Touch (2–3 Lines Acting के साथ)
(छोटी तलवार ऊपर करते हुए – धीरे)
“मैं किसी को डराता नहीं,
मैं सबकी रक्षा करता हूँ।”
(हाथ जोड़कर)
“नारी का सम्मान करना,
यही मेरा धर्म है।”
🔷️🙏
“जय जिजाऊ!”
“जय शिवराय!”
“मेरा भारत महान!” [Additional Dialogues] (हर स्लोगन के बाद हल्की मुस्कान ✨)
मैं हूँ छत्रपति शिवाजी महाराज।”
(सीना तानकर आत्मविश्वास के साथ)
“यह नाटिका केवल एक अभिनय नहीं, यह उस विचार की आवाज़ है जिसने सोए हुए भारत को जगाया। आज जब मैं शिवाजी महाराज का वेश धारण करता हूँ, तो मैं तलवार नहीं, संस्कार, और मुकुट नहीं, कर्तव्य पहनकर खड़ा हूँ।”
शिवाजी महाराज का वेश – बच्चों के आत्मविश्वास और संस्कारों का प्रतीक
शिवाजी महाराज के जीवन और स्वराज्य की अवधारणा के बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक ऐतिहासिक स्रोतों को भी देखा जा सकता है।
यदि आप बच्चों के लिए अन्य प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ पढ़ना चाहते हैं, तो हमारी देशभक्ति नाटिका संग्रह पोस्ट भी देखें।
आज के समय में छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस
केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं,
बल्कि आने वाली पीढ़ी को
स्वराज, नारी सम्मान और आत्मविश्वास की सीख देने का सुंदर अवसर है।
यही कारण है कि शिवाजी महाराज
हर मंच पर, हर युग में
यह छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस नाटिका स्कूल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त है।
वो हमेशा प्रासंगिक और प्रेरणादायक रहेंगीं! जय हिंद जय महाराष्ट्र🚩
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q.1. छत्रपति शिवाजी महाराज फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में क्या संदेश देना चाहिए?
छत्रपति शिवाजी महाराज की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में स्वराज, साहस, न्याय और राष्ट्रप्रेम का संदेश देता हैं!बच्चों को यह समझाना चाहिए कि शिवाजी महाराज केवल योद्धा नहीं थे, जो की हिम्मत और सांस से और मुश्किलों का सामना करते थे और अपने देश के लिए अपनी स्वराज के लिए अपनी धरती मां के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व निछावर किया, समर्पण किया। जनता के राजा और धर्म व नारी सम्मान के रक्षक थे।
Q.2.फैंसी ड्रेस में शिवाजी महाराज का किरदार निभाते समय क्या-क्या शामिल करें?
शिवाजी महाराज के किरदार में
शिवराय का ड्रेस अप
– केसरिया वस्त्र / फेटा
– भवानी तलवार
– शेर जैसा आत्मविश्वास
– और संवादों में स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार …..! जैसे भाव
शामिल करना चाहिए, ताकि प्रस्तुति प्रभावशाली और प्रेरणादायक बने।
Q.3.छत्रपति शिवाजी महाराज बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत क्यों हैं?
छत्रपति शिवाजी महाराज की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में स्वराज, साहस, न्याय और राष्ट्रप्रेम का संदेश देता हैं!बच्चों को यह समझाना चाहिए कि शिवाजी महाराज केवल योद्धा नहीं थे, जो की हिम्मत और सांस से और मुश्किलों का सामना करते थे और अपने देश के लिए अपनी स्वराज के लिए अपनी धरती मां के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व निछावर किया, समर्पण किया। जनता के राजा और धर्म व नारी सम्मान के रक्षक थे।