“शिव और शक्ति का मिलन कविता”

शिव और शक्ति का मिलन: एक दिव्य कविता और आध्यात्मिक भाव

महाशिवरात्रि केवल व्रत नहीं, शिव और शक्ति के मिलन का आध्यात्मिक उत्सव है…”

जब शिव मौन होते हैं

और शक्ति तप में लीन,

तब सृष्टि रुकती नहीं —

बल्कि नया संतुलन रचती है।

शिव और शक्ति का मिलन कविता
“महाशिवरात्रि केवल व्रत नहीं, शिव और शक्ति के मिलन का आध्यात्मिक उत्सव है…”

शिव और शक्ति का मिलन

केवल विवाह नहीं, दो आत्मा का मिलन है..!

एक दूजे के अर्ध अंग बनकर,

हर समय में एक दूजे का साथ देने की; साथ चलने की,

एक वचन होता है !

चेतना और ऊर्जा का दिव्य संगम है।

– शिव और शक्ति का मिलन क्या दर्शाता है?

शिव = चेतना

शक्ति = ऊर्जा

एक बिना दूसरा अधूरा

कोई भी कार्य नहीं होता है पूरा

यही जीवन का संतुलन,

रहते हैं एक दूजे के संग हर पल.. हर क्षण ।।

शिव और शक्ति का मिलन कविता है

नीचे प्रस्तुत है “शिव और शक्ति का मिलन कविता” जो आत्मा और ऊर्जा के पवित्र संगम को दर्शाती है।

✨️मिलन का यह रूप है,

शिव शक्ति का स्वरूप है,

जो भी नीत-नीत ध्यावे,

पावे उनका आशीर्वाद ,

हमारे गौरी शंकर है

सभी देवों के देव,

जो देते हमेशा ही हमारा साथ।।

शिव और शक्ति का मिलन कविता
महाशिवरात्रि: शिव और शक्ति का मिलन – एक दिव्य कविता

🙏कर लो इनकी आराधना मिलेगा सुख अपार ,

जो कोई ध्यान धरे, संकट दूर करे,

शिव शक्ति उठाते हैं भार

मिले सौभाग्य ना रहेगा कोई लाचार

सभी सपने होते हैं इनके आशीष  साकार..!!

🙏ध्यान धरो तुम ही नीत,

शिव पार्वती होंगे साथ,

मिलेगा हर भक्त को सुख शांति समृद्धि का होगा एहसास,

खड़ा होगा तेरे साथ मिलता है हर क्षण में उसका हाथ !!

✨️अध्यात्म का स्वरूप है ,

वही जन्म और मृत्यु है,

करता है जो मन से उनकी आराधना,

तो उनका साक्षात्कार नहीं दूर है।।

🙏वह तो हमारे भोले भंडारी,

उनकी महिमा है न्यारी

‘महाकाल’ हो तुम हमारे रखवाले हो तुम 

तुम ही हो

जटाधारी, नागधारी, त्रिशूल मुरारी,

यही है सृष्टि के कर्ता

यही है सृष्टि के आधार ,

चलो करते है मिलकर हम सभी उनकी पूजा,

 उमा महेश जैसा नहीं है; इस जगत में दूजा।।

✨️चलती इनसे सृष्टि की धुरी

आपी से हैं दुनिया सारी,

वही तो संहार करे,

वही हमारा उद्धार करें ।।

इनसे ना कोई परे,

ऐसे हैं वह शिव शक्ति,

हर कोई कर लो अंतकरण से भक्ति..!

✨️क्या कहे इनकी महिमा में

“शक्ति है शिव-शिव हैं शक्ति”

शक्ति जिसका अर्ध अंग है ।।

वह है एक दूजे बिन अधूरे यह संसार है उनके बिना अधूरा

चलता है यह सृष्टि चक्र वही हमारा सहारा।।

✨️जब जब जीवन में अच्छे कार्य होगे

संपन्न होगा धरा का हर कण,

लगाए हम अंतकरण,

करे शिव शक्ति का स्मरण !

यह सुंदर सृष्टि और भी होगी प्रफुल्लित ,

महक उठेगा आपका हर क्षण।

तभी होगा शिव शक्ति का मिलन..।।

यह मिलन हमें क्या सिखाता है?

-संतुलन

-स्त्री-पुरुष ऊर्जा का सम्मान

भक्ति और विश्वास

आत्मिक पूर्णता और समर्पण

शिव और शक्ति का मिलन

केवल कथा नहीं,

वह संतुलन है

जो हर मन, हर जीवन को पूर्ण करता है।

जहाँ शिव हैं, वहाँ शक्ति है —

और जहाँ शक्ति है, वहाँ सृष्टि है।।

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शिव और शक्ति का मिलन | आध्यात्मिक कविता

महाशिवरात्रि से इसका संबंध

महाशिवरात्रि = शिव-शक्ति जागरण

आत्मिक मिलन की रात

शिव और शक्ति का मिलन” सृष्टि के शाश्वत प्रेम, समर्पण, विश्वास का प्रतीक है, जहाँ दिव्य पुरुष और स्त्री ऊर्जाएँ परस्पर जुड़कर ब्रह्मांड को जन्म देती हैं। यह ब्रह्मांडीय संबंध हमें जीवन में संतुलन का महत्व सिखाता है। जिस प्रकार शिव और शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने भीतर और संसार के साथ अपने संबंधों में संतुलन खोजना चाहिए। हमेशा एक दूजे के साथ चलना चाहिए।महाशिवरात्रि वह क्षण है-

जहाँ विनाश का भय नहीं ,

वार दिया है तन मन

क्योंकि शिव और शक्ति का मिलन,

करता है जो सभी का पालन और सृजन !

जय उमा महेश🙏✨️

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