Purushottam Maas 2026 (पुरुषोत्तम मास): भक्ति, महत्व और शुभ संदेश


“पुरुषोत्तम मास 2026: भक्ति, सेवा और आत्मशुद्धि का पावन अवसर शुभ संदेश”  

33 दिन का पुरुषोत्तम मास का यह पर्व बहुत ही उत्तम अवसर, पावन और सुंदर पर्व होता है । जो समय भगवान नारायण से जुड़ने का एक सुंदर संयोग है।

और इस पर्व अधिक मास या मलमास भी कहा जाता है। जो की पूरे भारत में बड़े हर्ष उल्लास मनाया जाता हैं। अगर  इस समय में हम अन्नदान अच्छे कर्म नामस्मरण करें  तो हमारे खाते में भगवान पुरुषोत्तम की आशीष छाया 2 गुना बढ़ जाती है।

धोंडा के इस महीने का हर योगदान हमारे प्रभु हमारे भगवान नारायण को समर्पित हो जाता है…। इस भक्तों को और भी गहरा और आध्यात्मिक पूर्ण पावन बनाने के लिए पुरुषोत्तम मास में भक्ति कैसे करें उसका महत्व जाने और साथ-साथ शुभ संदेश जोड़े और आप भी हमारे साथ भक्ति में लीन हो जाए।

🕉️ संस्कृत श्लोक

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥

भारतीय संस्कृति में हर पर्व और हर महीना अपने भीतर कोई न कोई आध्यात्मिक संदेश छिपाए होता है। लेकिन Purushottam Maas एक ऐसा विशेष समय माना गया है, जिसे स्वयं भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त है।

यह महीना केवल पंचांग का अतिरिक्त भाग नहीं, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने, जीवन में सकारात्मकता लाने और प्रभु से जुड़ने का सुंदर अवसर है।

महाराष्ट्र सहित कई स्थानों पर इसे प्रेम से “धोंडे का महीना” भी कहा जाता है, जहाँ धार्मिक आस्था के साथ रिश्तों की मिठास और परिवार की परंपराएँ भी जुड़ी होती हैं।

📅 पुरुषोत्तम मास 2026 कब है?

सन 2026 में पुरुषोत्तम मास की शुरुआत:

✅ 17 मई 2026 (रविवार)

✅ 15 जून 2026 (सोमवार) तक रहेगी।

इस महीने को:

अधिक मास

मलमास

पुरुषोत्तम मास

के नाम से भी जाना जाता है।

🌙 पुरुषोत्तम मास क्या होता है?

हिंदू पंचांग चंद्र गणना पर आधारित है, जबकि ऋतुएँ सूर्य की गति के अनुसार चलती हैं। दोनों के समय में अंतर होने के कारण लगभग हर तीन वर्ष में एक अतिरिक्त महीना जुड़ता है। यही अतिरिक्त समय “अधिक मास” कहलाता है।

यह ज्येष्ठ महीने आयेगा और ज्येष्ठ का महीना 60 दिनों का होगा। 

पौराणिक मान्यता के अनुसार जब इस मास को कोई विशेष स्थान नहीं मिला, तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर “पुरुषोत्तम मास” कहा। तभी से यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है।

🙏 क्यों माना जाता है यह महीना इतना पवित्र?

धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि इस समय किया गया:

जप

तप

दान

सेवा

पूजा

का फल कई गुना बढ़ जाता है। यह महीना मनुष्य को बाहरी दिखावे से हटाकर भीतर की शांति से जोड़ने का संदेश देता है।

✨ पुरुषोत्तम मास में क्या करना शुभ माना जाता है?

🪔 1. भगवान विष्णु की पूजा

इस महीने में भगवान विष्णु की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है।

उपयोगी उपाय:

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जाप

विष्णु सहस्रनाम पाठ

तुलसी पूजन

दीपदान

📖 2. धार्मिक ग्रंथों का पाठ

घर में सकारात्मक वातावरण के लिए:

भगवद्गीता

रामचरितमानस

श्रीमद्भागवत का पाठ करना शुभ माना जाता है।

 

🤝 3. दान और सेवा

पुरुषोत्तम मास हमें केवल पूजा नहीं, बल्कि मानवता का संदेश भी देता है।

इस समय:

अन्नदान

वस्त्रदान

जल सेवा

गौ सेवा विशेष पुण्यदायक मानी जाती है।

🚫 इस महीने में क्या नहीं करना चाहिए?

परंपरा के अनुसार इस समय:

विवाह

गृह प्रवेश

मुंडन

नए शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

हालाँकि भक्ति, सेवा और आत्मचिंतन के लिए यह समय अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है।

🌾 महाराष्ट्र की विशेष परंपरा – “धोंडे का महीना”

महाराष्ट्र में अधिक मास को कई परिवार “धोंडे का महीना” कहते हैं। इस दौरान:

जावई सत्कार

ओटी भरना

पारंपरिक भोजन

परिवारिक मिलन जैसी सुंदर परंपराएँ निभाई जाती हैं।

यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रिश्तों में प्रेम, सम्मान और अपनापन बढ़ाने का माध्यम भी है।

 

🕉️ आध्यात्मिक संदेश

पुरुषोत्तम मास हमें सिखाता है कि जीवन की सच्ची खुशी केवल धन या भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि:

अच्छे कर्मों में,

सेवा में,

और प्रभु-स्मरण में छिपी होती है।

यह महीना हमें अपने भीतर झाँकने, गलतियों को सुधारने और नए सकारात्मक संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

 

✨ सुंदर शुभ संदेश

“पुरुषोत्तम मास आपके जीवन में शांति, सुख और भक्ति का प्रकाश लेकर आए।

प्रभु विष्णु की कृपा से आपका घर प्रेम, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए।”

🌸 छोटी भावनात्मक कविता

भक्ति का दीप जले मन में,

हर द्वार प्रभु का नाम रहे।

पुरुषोत्तम मास के पावन क्षणों में,

जीवन में सुख और धाम रहे॥

 

कायेन वाचा मनसेंद्रियैर्वा

बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतेः स्वभावात्।

करोमि यद्यत् सकलं परस्मै

नारायणायेति समर्पयामि॥

🌸 अर्थ:

मैं अपने मन, वचन और कर्म से जो भी करता हूँ, वह सब भगवान नारायण को समर्पित करता हूँ।

 

❓ FAQ

 

Q1.पुरुषोत्तम मास 2026 कब है?

17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक।

Q2.अधिक मास और पुरुषोत्तम मास में क्या अंतर है?

दोनों एक ही मास के नाम हैं। भगवान विष्णु से जुड़ने के कारण इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है।

Q3.धोंडे का महीना क्या होता है?

महाराष्ट्र में अधिक मास को पारंपरिक रूप से “धोंडे का महीना” कहा जाता है।

purushottam maas 2026

पुरुषोत्तम मास 2026 कब है, इसका महत्व, पूजा विधि, धोंडे का महीना, धार्मिक नियम और आध्यात्मिक संदेश जानिए सरल हिंदी में।

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