नाम रह जाएगा – जिंदगी की सच्चाई पर एक भावनात्मक हिंदी कविता
जिंदगी की सच्चाई अक्सर हमें तब समझ आती है,जब बहुत कुछ हमारे हाथ से निकल चुका होता है। यह जिंदगी पर हिंदी कविता उसी सच्चाई का आईना है, जहां अंत में बस “नाम” ही रह जाता है…
कभी-कभी एक घटना पूरी जिंदगी की सच्चाई समझा देती है…
अधूरे सपने, अधूरी कहानियां—सब एक पल में रुक जाती हैं।
तब एहसास होता है… कि अंत में बस नाम ही रह जाता है।
“नाम रह जायेगा – पूरी कविता”
आए थे खाली हाथ यहाँ, खाली हाथ ही जाना है,
यही सत्य है जीवन का, बस राख में मिल जाना है।
सपने अधूरे रह गए, मौन हुए सब वादे,
क्षण भर में सब खाक हुआ, बस शेष रहीं यादें।
मिलना था और भी जरूरी सपने रह गए अधूरे,
पूरे की पुरे मौन हो गए सारे
थे जो दिल में बसे आंखों से; जो हो गये अधूरे,
क्या गलती थी जो रेत हो गए सारे ।।1ll
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कुछ ना बचा हो गए क्षणभंगुर,
सपने कहीं खो गये, बस रह गई राख,
पैसा ना काम आया,
ना मिलीं आशीर्वाद की सौगात
ना दौलत काम आयी,
सब हो गये खाक…..! ||2||
ऐसा ठहराव आ गया,
जैसे सामने उदाहरण था अहमदाबाद का कारण था
अनकहा , अनचाहा समय आ गया,
ऐसे हवाई सपनों को जब भी तूने ना रोका,
कितनों के थे, सपने आंखों में रहें गये..
बह गई पानी की धारा
जो अपने परिवार का आंखों का तारा,
कोई जिगर का टुकड़ा था,
आंधी आयीं,
हो गई तबाही,
फिर से वही कहानी इस समय ने दोहराई ll3||
बस रह गई है यादें उसे शख्स की मुरादे ,
किया जो वादे,.
अनकहा जो वक्त आया; ना आया कुछ भी साथ..!
आए थे खाली हाथ ,
जा रहे हैं खाली हाथ ; यही जीवन की सत्यता…
आंखें खुली की खुली रह गई… ना कहीं व्यक्त हो पाया, सिर्फ रह गई लाश,
देखने वाले वो दिल हो गये हताश..||4||
सिर्फ यादें रह गई … करनी पड़ी विदाई …
नश्वर हैं जीवन हर वो क्षण; जी लो हंस के मन ही मन।।
मिल ना था जरूरी,
करना था हर मुराद पुरी,
कुछ वक्त जरा ठहरे कर,
अन्तःकरण की पुकार सुनकर ,
हमें तैरा कर,
समय का रूक बदलकर,
रक्षा कर लेता, सुनता पुकार हमारी..
क्या पता था यह अनंत यात्रा; थी हमारी !
वक्त की धार बदल गई, ख्वाहिश रह गई अधूरी। ||5||
इससे तो यही सिख हमें मिलती है,
वक्त किसी का नहीं होता,
जीवन तो अपना नहीं होता,
कर ले बँधे जो करना है
आज ही अपने सपनों को पूरा
दुनिया में नाम बुलंद कर ले ,
आज ही दे दे सभी को वक्त ,
वक्त होता है बहुत ही सख्त,
कर सबकी मदद ,
थोड़ा सुकून पा ! अरे सब के लिए ऐसा कुछ कर जा,
यही इंसानियत का असली सच ..ll6||
वही काम आएंगे,
ना काम आएगी कोई दौलत,
अकेला आया है इस दुनिया में; अकेला ही जाएगा,
बस कोई फिकर ना कर बंधे,
बस सही राह चुन ले तू,
अपनी रख सही नजर, अपने सपनों को मूँद ले तू,
तभी मिलेगी तुझे अपनी डगर,
सुहाना होगा जिंदगी का यह सफर !!
यही होगा…
कामयाब जीवन में कामयाबी की लहर…||7||
जान ले तू ये पता नहीं कब बुलावा आएगा,
ऐसी सुंदर धरा को छोड़ एक दिन हर कोई जाएगा….!!
याद करेंगे रखेंगे तुम्हें अपने दिलों में, वही तेरे साथ आएगा,… तेरा नाम… बस तेरा नाम !!
हाँ तेरा नाम
इसलिये तू कर सब अच्छे काम..||8||
इस लिए हर कदम पर अच्छी बुनियाद ;
अच्छे इरादे रखकर चल, जब इस दुनिया को छोड़ चला जाएगा l
सपना आशा आसमान में गुम हो गए
अच्छे काम ही संग चलेंगे, और चलेगा तेरा नाम,
बुनियाद नेक रख बंदे, तभी होगा सफल अंजाम।
जब दुनिया से तू जाएगा, ज़ुबां पे तेरा नाम होगा,
सपनों की इस दुनिया में, तेरा ही पैगाम होगा। ।|9।।
🌿 कविता का संदेश
💭 जीवन से सीख
यह कविता हमें याद दिलाती है कि जीवन का असली मूल्य हमारे कर्मों में छिपा है।
नाम वही रह जाता है, जिसने दिलों को छुआ हो, न कि सिर्फ दुनिया को दिखाया हो।
इसलिए जिंदगी को इस तरह जिएं कि जाने के बाद भी लोग आपको याद करें — सम्मान के साथ।